Tuesday 14 February 2012

दुआ

दुआ

वो हर पल खुदा से
अपने प्यार की सलामती की
दुआ करता है
हर लम्हा उसकी ख़ुशी
की फ़रियाद करता है
दिन - रात उसकी इक हँसी
के लिए
आंसू बहाता है
खुदा कहता है,
"ए बन्दे , मैंने तेरी झोली में
तेरा प्यार दिया जो
तूने मुझसे माँगा,
अब मै क्या कर सकता हूँ ?
जो करना है तूँ कर
प्यार की ताकत के आगे तो
मै भी बेबस और लाचार हूँ
हिम्मत है तो
कर हिफाजत अब अपने
प्यार की
निभाने का हौंसला रख
फूल के साथ कांटे भी चुन
अमृत के साथ विष भी पी
फिर देख मै तेरे साथ हूँ
उसकी ख़ुशी भी तूं गम भी तूँ
हँसी भी तूँ आंसूं भी तूँ
सलामती भी तूं ,
तकदीर भी तूँ ,
वफ़ा भी तूँ ,जफा भी तूँ "

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